mujhse mera khabar puchte hain, log mujhe ab kidhar puchte hain thi labo pe hansi mele the ghar me, udas khandhar ko log kidhar pujhte hain kon si surat hai jisme log se log mile, hum jab bhi mile log mtalab puchte hain dubo ke tufan me kasti hamari, log haumse hamara hunar puchta hain
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सिने में है दर्द , बताओ तो क्या लिखूं शराब पियू ,या चाय पि के बहकू , बताओ तो क्या लिखूं उन शायरों जैसा सोचूं ,ढल जाऊं रांझे सा रूप या ऑफिस का ड्रेस कोड ,बताओ तो क्या लिखूं तेरी यादों में सोचु ,डूबता रहूँ तेरी बातें या "sql" and ".net ",बताओ तो क्या लिखूं घर को कर दूं बर्बाद रोड पे घुमू या दोस्तों का 3-BHK स्कीम ,बताओ तो क्या लिखूं
मना लो जस्न मेरी बर्बादी
माना लो जस्न मेरी बर्बादी की दुनिया वालों...... सुना है वो अभी बहुत सुकून पातें हैं ............ जिन्हें हम पा न सके हकिकत में सही ........ उन्हें अब ख्वाब में भी पाने से डर लगता है...... माना लो जस्न ............... बढ़ी हैं दूरियां आज इतनी अपने दर्मिया....... किसे यकीं हैं, कभी साथ भी चलें................ अब तो ये आलम है की , हर हिचकी पे डर लगता है........... उनकी बातों में कहीं अपना जिक्र सा लगता है..... माना लो जस्न ................... मेरी वफाओं का खुदा, इतना सा सफ़क देना ..... मेरे जनाजे की राह में उनका घर देना ............. माना लो जस्न मेरी बर्बादी की दुनिया वालों .... सुना है वो भी बहुत सुकून पातें हैं ................
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