जो हो न सका उसका मलाल क्यूँ करें
फिजूल अपना दिमाग खराब क्यूँ करें ,

न किया वफ़ा तो न किया
रात में अपनी नींदे खराब क्यूँ करें ,

चल दिल घूम के आते हैं गली किसी और का
एक जगह रह कर अपनी इज्जत खराब क्यूँ करें

आँखे -वांखे , शायरी -ग़ज़ल ,नाजुक-वाजुक ,कलाई-वलाई
बेकार है सब ,ला खिला भर पेट ,खुद को बर्बाद क्यूँ करें

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