कभी यूँ हो की हंस के मिले
जब भी मिले वो  खफा मिले ,

ख्वाबो में मिले तो ऐसे मिले
मुझे फिर कभी सहर न मिले,

वो  आये कुछ इस तरह दर पे मेरे
घर में कोई आहट न मिले ,

या खुदा दिल को अमीरी कर दे
मिले कोई भी मुझसे भूका न मिले

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